एक अमेरिकी तकनीकी कंपनी ने अपने भारतीय कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा अचानक नौकरी से निकाल दिया। यह जानकारी एक प्रभावित कर्मचारी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर साझा की गई, जिसमें उन्होंने इस घटना को “बेहद निष्ठुर” और “भावनात्मक रूप से परेशान करने वाला” बताया।
घटना 1 अक्टूबर को हुई, जब कर्मचारियों को सुबह 9 बजे काम पर लॉगिन करने के बाद अचानक दोपहर 11 बजे एक अनिवार्य मीटिंग का कैलेंडर निमंत्रण प्राप्त हुआ। यह मीटिंग कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) द्वारा आयोजित की गई थी।
मीटिंग के दौरान सभी कर्मचारियों के कैमरे और माइक्रोफोन बंद कर दिए गए और सिर्फ तीन मिनट में COO ने घोषणा की कि “अधिकांश भारतीय कर्मचारियों को आंतरिक संगठनात्मक पुनर्गठन के कारण नौकरी से निकाल दिया गया है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय प्रदर्शन के आधार पर नहीं, बल्कि कंपनी की संरचना में बदलाव के कारण लिया गया है। मीटिंग के समाप्त होते ही कोई सवाल-जवाब नहीं हुआ और कर्मचारियों को छोड़ दिया गया।
कर्मचारियों को इसके बाद ईमेल के जरिए अपनी नौकरी की स्थिति के बारे में सूचित किया गया। अक्टूबर महीने का वेतन और अवकाश के दिनों का भुगतान किया जाएगा, लेकिन भविष्य के लिए कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इस अनुभव को प्रभावित कर्मचारी ने “निराशाजनक” और “भावनात्मक रूप से आघात पहुंचाने वाला” बताया।
सोशल मीडिया पर इस घटना के वायरल होने के बाद कई लोगों ने प्रभावित कर्मचारियों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की और उन्हें नई नौकरी खोजने में मदद की पेशकश की। एक यूजर ने लिखा, “यह बहुत दुखद है। आपको ऐसी जगह काम करना चाहिए जहाँ आपकी कद्र की जाए। आशा है कि आप जल्द ही बेहतर अवसर पाएंगे।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना वैश्विक कंपनियों द्वारा कर्मचारियों की छंटनी के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़ा करती है, खासकर जब यह बिना पूर्व सूचना या संवेदनशीलता के की जाती है।

