नई दिल्ली:
भारतीय पूंजी बाजार में एक नई हलचल देखने को मिल रही है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 7 नई कंपनियों को अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए मंजूरी दे दी है। इन सभी कंपनियों का संयुक्त लक्ष्य लगभग ₹7,700 करोड़ जुटाने का है। इस सूची में सबसे आगे हैं – Meesho और Shiprocket जैसी चर्चित स्टार्टअप कंपनियाँ।
किन कंपनियों को मिली मंजूरी
SEBI की ओर से जिन 7 कंपनियों को IPO की स्वीकृति दी गई है, उनमें शामिल हैं:
- Meesho – सोशल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म
- Shiprocket – लॉजिस्टिक और ई-कॉमर्स समाधान प्रदाता
- German Green Steel and Power – स्टील और ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी
- Allied Engineering Works – स्मार्ट मीटर निर्माण कंपनी
- Skyways Air Services – एयर फ्रेट लॉजिस्टिक्स कंपनी
- Rajputana Stainless – स्टेनलेस स्टील उत्पादक कंपनी
- Manika Plastech – प्लास्टिक उत्पाद निर्माण कंपनी
कितना फंड जुटाएंगी कंपनियाँ
- Meesho अपने IPO के माध्यम से करीब ₹4,250 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है।
- Shiprocket लगभग ₹2,000 से ₹2,500 करोड़ तक फंड जुटा सकती है।
- बाकी कंपनियाँ अपने-अपने व्यवसाय विस्तार, ऋण चुकाने और नए प्रोजेक्ट्स के लिए पूंजी एकत्र करने का लक्ष्य रखती हैं।
कब मिले SEBI की मंजूरी
इन कंपनियों ने मई से जुलाई 2025 के बीच अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किए थे। SEBI ने 14 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच इन प्रस्तावों पर अपनी मंजूरी प्रदान की।
क्यों खास है यह IPO लहर
- यह साल 2025 के लिए अब तक का सबसे बड़ा IPO चरण माना जा रहा है।
- स्टार्टअप सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, खासकर ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री में।
- इन IPOs के माध्यम से भारतीय बाजार में नए निवेश अवसर खुलेंगे और खुदरा निवेशकों को भी विविध विकल्प मिलेंगे।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
- निवेशक हर IPO की प्राइस बैंड, लॉट साइज और रिटेल कोटा पर ध्यान दें।
- यह देखना भी आवश्यक है कि जुटाई गई राशि का उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया जाएगा — जैसे टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, मार्केटिंग, अधिग्रहण या कर्ज अदायगी।
- बाज़ार की वर्तमान स्थिति को देखते हुए निवेश निर्णय सावधानीपूर्वक लें।
निष्कर्ष
भारत में स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की यह नई IPO लहर पूंजी बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है। Meesho और Shiprocket जैसे बड़े नामों की एंट्री से निवेशकों में उत्साह है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में IPO बाजार और भी सक्रिय हो सकता है, जिससे निवेश के नए अवसर खुलेंगे।

