30 सितंबर, 2025 को क्वांटिको, वर्जीनिया में आयोजित एक असामान्य सैन्य सम्मेलन में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों से आह्वान किया कि वे युद्ध की तत्परता, अनुशासन और वैश्विक खतरों पर ध्यान केंद्रित करें। इस अवसर पर उन्होंने अमेरिकी शहरों को सैन्य प्रशिक्षण के लिए संभावित स्थल के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ।
सैन्य संस्कृति में परिवर्तन की आवश्यकता
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सैन्य संस्कृति में बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने “वोक” संस्कृति, विविधता और समावेशन पहलों की आलोचना करते हुए कहा कि ये सैन्य की मुख्य मिशन से ध्यान भटकाते हैं। हेगसेथ ने शारीरिक फिटनेस मानकों को सख्त करने, विशेष रूप से अधिक वजन वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पदोन्नति को प्रदर्शन आधारित बनाने की बात की। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इन परिवर्तनों से असहमत हैं, उन्हें सम्मानजनक रूप से इस्तीफा दे देना चाहिए।
आंतरिक खतरों के खिलाफ सैन्य की भूमिका
पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने “आंतरिक युद्ध” की बात की, जिसमें उन्होंने घरेलू अशांति, अपराध और अवैध आप्रवासन को विदेशी शत्रुओं के समान खतरे के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने सैन्य को इन आंतरिक खतरों से निपटने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया और अमेरिकी शहरों जैसे शिकागो, न्यूयॉर्क और सैन फ्रांसिस्को को सैन्य प्रशिक्षण के लिए संभावित स्थल के रूप में प्रस्तावित किया। यह सुझाव अमेरिकी संविधान और पोसी कॉमिटेटस अधिनियम के तहत सैन्य की नागरिक कानून प्रवर्तन में भागीदारी के सिद्धांतों के खिलाफ माना गया।
सैन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
सम्मेलन में उपस्थित सैन्य अधिकारियों ने ट्रंप और हेगसेथ के बयानों पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ दीं। कुछ अधिकारियों ने चुप्पी साधी, जबकि कुछ ने असहमतिपूर्ण संकेत दिए। यह घटना अमेरिकी सैन्य की परंपरागत राजनीतिक तटस्थता के सिद्धांतों के उल्लंघन के रूप में देखी गई।
निष्कर्ष
यह सम्मेलन अमेरिकी सैन्य की भूमिका और राजनीतिकरण पर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है। ट्रंप और हेगसेथ के बयानों ने सैन्य संस्कृति, अनुशासन और आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों पर बहस को जन्म दिया है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिकी सैन्य नेतृत्व इन परिवर्तनों को कैसे अपनाता है और यह देश की सुरक्षा नीति पर क्या प्रभाव डालता है।

