विख्यात उद्योगपति अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाले वेदांता समूह की प्रमुख कंपनी, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL), ने वित्तीय वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2025) में ₹2,649 करोड़ का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 14% अधिक है।
चांदी से ₹1,060 करोड़ का मुनाफा
HZL की कुल आय में चांदी का योगदान काफी उल्लेखनीय रहा। इस तिमाही में कंपनी को चांदी से ₹1,060 करोड़ का मुनाफा हुआ, जो कुल शुद्ध लाभ का लगभग 40% है। चांदी की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक मांग ने इस क्षेत्र में कंपनी की स्थिति को और मजबूत किया है।
जिंक और चांदी का मिश्रित प्रभाव
चांदी के साथ-साथ जिंक की कीमतों में भी वृद्धि हुई है, जिससे कंपनी के कुल राजस्व में सुधार हुआ। HZL की कुल आय ₹8,549 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 3.6% अधिक है। जिंक और चांदी दोनों का संयोजन कंपनी की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करता है।
वैश्विक चांदी उत्पादकता में प्रमुख स्थान
HZL वर्तमान में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी चांदी उत्पादक कंपनी है। इसके खानों में अत्याधुनिक तकनीक और उत्पादन क्षमता इसे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बनाए रखती है।
भविष्य की दिशा
HZL का ध्यान अब न केवल चांदी और जिंक के उत्पादन पर है, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर भी है। कंपनी ने अपनी ऊर्जा खपत में नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान बढ़ाने की योजना बनाई है, जिससे उत्पादन लागत में कमी और पर्यावरणीय प्रभाव में सुधार होगा।
इस शानदार प्रदर्शन से स्पष्ट है कि हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने वैश्विक धातु बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत किया है और आने वाले वर्षों में निवेशकों और उद्योग जगत के लिए यह कंपनी आकर्षण का केंद्र बनी रहेगी।

