नई दिल्ली, 14 नवंबर 2025
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Infosys Ltd आज अपने अब तक के सबसे बड़े ₹18,000 करोड़ के शेयर बायबैक कार्यक्रम के लिए रिकॉर्ड डेट मना रही है। कंपनी इस बायबैक के तहत ₹1,800 प्रति शेयर की प्रीमियम दर पर लगभग 10 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदने जा रही है। यह संख्या कंपनी की कुल चुकता पूंजी (paid-up share capital) का लगभग 2.41% हिस्सा है।
बायबैक का पूरा विवरण
- कुल बायबैक राशि: लगभग ₹18,000 करोड़
- बायबैक मूल्य: ₹1,800 प्रति शेयर
- कुल शेयर: करीब 10 करोड़
- रिकॉर्ड डेट: 14 नवंबर 2025
रिकॉर्ड डेट का मतलब है कि केवल वे निवेशक, जिनके डीमैट खाते में आज के दिन अंत तक Infosys के शेयर मौजूद हैं, वही बायबैक में भाग लेने के योग्य होंगे।
यह बायबैक क्यों महत्वपूर्ण है?
- यह अब तक का Infosys का सबसे बड़ा बायबैक है।
- बायबैक मूल्य मौजूदा बाजार भाव से लगभग 15–20% अधिक है, जिससे निवेशकों को अच्छी कमाई का अवसर मिल सकता है।
- कंपनी के प्रमोटर्स ने इस बायबैक में भाग न लेने का निर्णय लिया है, जिससे आम जनता (retail shareholders) को अधिक अवसर मिल सकता है।
- बायबैक कंपनी के मजबूत कैश फ्लो और शेयरधारकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता का संकेत है।
निवेशकों के लिए ज़रूरी बातें
क्या करें:
- यदि आपके पास आज तक Infosys के शेयर हैं, तो आप बायबैक में आवेदन कर सकते हैं।
- कंपनी द्वारा जल्द जारी होने वाले Letter of Offer को ध्यान से पढ़ें, जिसमें प्रक्रिया, डेडलाइन और स्वीकार्यता अनुपात की जानकारी शामिल होगी।
- छोटे निवेशकों के लिए आरक्षण का लाभ मिल सकता है, जिससे स्वीकार्यता अनुपात अधिक हो सकता है।
क्या न करें / सावधानी:
- यह जरूरी नहीं कि आपके सभी शेयर बायबैक में स्वीकार हो जाएं—क्योंकि कंपनी केवल तय मात्रा में ही शेयर खरीदेगी।
- नए टैक्स नियमों के अनुसार, बायबैक से मिलने वाली राशि को अब “मानी हुई लाभांश” (deemed dividend) माना जाएगा और यह आपके आयकर स्लैब के अनुसार टैक्सेबल होगा।
- रिकॉर्ड डेट से ठीक पहले खरीदे गए शेयर सेटलमेंट समय के कारण पात्र नहीं हो सकते।
निष्कर्ष
Infosys का यह बायबैक निवेशकों के लिए आकर्षक मौका लेकर आया है। जहां एक ओर प्रीमियम दर पर लाभ की संभावना है, वहीं टैक्स प्रभाव और स्वीकार्यता अनुपात को समझना भी जरूरी है। यदि आप पहले से Infosys में निवेशित हैं, तो बायबैक आपके लिए एक अच्छा अवसर हो सकता है। हालांकि, निर्णय लेने से पहले अपने निवेश लक्ष्य और टैक्स दायित्वों का मूल्यांकन अवश्य करें।

