2025 में IPO बाजार बेहद सक्रिय रहा और म्यूचुअल फंड्स ने कई बड़े इश्यूज़ में भारी निवेश किया। लेकिन यह निवेश हर जगह सफल नहीं हुआ। कई IPOs ने उम्मीद के मुताबिक लिस्टिंग डे पर शानदार रिटर्न नहीं दिया, जबकि कुछ चुनिंदा कंपनियों ने निवेशकों को अच्छा मुनाफा कराया।
म्यूचुअल फंड्स IPO में क्यों कर रहे हैं ज़बरदस्त निवेश?
- बाज़ार में उतार-चढ़ाव बढ़ने के कारण फंड हाउस नए IPOs को बेहतर अवसर के रूप में देख रहे हैं।
- उच्च लिक्विडिटी होने की वजह से फंड्स प्राइमरी मार्केट में बड़े आवंटन हासिल कर पा रहे हैं।
- कई कंपनियों के मजबूत वित्तीय रिकॉर्ड और भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं ने फंड हाउस को आकर्षित किया।
- 2025 में IPOs की संख्या और फंड जुटाने की रफ्तार दोनों में तेज़ी देखने को मिली, जिससे म्यूचुअल फंड्स को नए निवेश विकल्प मिले।
लेकिन—हर IPO ने लिस्टिंग डे पर मुनाफा नहीं दिया
हालाँकि म्यूचुअल फंड्स कई इश्यूज़ में बड़े निवेशक रहे, लिस्टिंग डे का प्रदर्शन काफी मिश्रित रहा:
- कुछ IPOs ने लिस्टिंग गेन दिया, यानी पहले दिन ही प्रीमियम पर खुले।
- कई IPOs अपने इश्यू प्राइस के आस-पास ही लिस्ट हुए, जिससे निवेशकों को लगभग कोई रिटर्न नहीं मिला।
- कुछ कंपनियाँ तो लिस्टिंग डे पर इश्यू प्राइस से नीचे चली गईं, जिससे शुरुआती निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा।
- विश्लेषकों का मानना है कि कई IPOs का उच्च वैल्यूएशन लिस्टिंग प्रदर्शन को प्रभावित कर रहा है।
किन सेक्टर्स में म्यूचुअल फंड्स ने सबसे ज्यादा दांव लगाया?
- टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर सेवाएँ
- फाइनेंशियल सर्विसेज
- ऑटो और EV कंपनियाँ
- कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग
इन सेक्टर्स के IPOs में म्यूचुअल फंड्स ने बड़ी हिस्सेदारी ली, लेकिन इनमें भी कुछ IPOs उम्मीद से कमज़ोर रहे।
सफल IPOs — जिन्होंने लिस्टिंग डे पर दिया बढ़िया रिटर्न
कुछ कंपनियों ने शानदार शुरुआत की:
- मजबूत वित्तीय रिकॉर्ड
- ब्रांड वैल्यू
- अच्छी ग्रोथ स्टोरी
- उचित प्राइसिंग
इन सभी कारणों से कुछ IPOs ने फंड हाउस को अच्छा फायदा दिया।
कमज़ोर IPOs — जहाँ उम्मीदें टूट गईं
- महंगे वैल्यूएशन
- ग्रे-मार्केट प्रीमियम पर अत्यधिक निर्भरता
- कमजोर सेक्टर सेंटीमेंट
- पहले दिन कम ट्रेडिंग वॉल्यूम
इन वजहों से कई कंपनियों के शेयर औसत या उससे कम स्तर पर लिस्ट हुए।
SEBI के नियम बदलने से क्या असर पड़ा?
हाल ही में SEBI ने म्यूचुअल फंड्स को Pre-IPO Placements में निवेश करने से रोक दिया है।
इस बदलाव से:
- फंड हाउस का शुरुआती निवेश कम हुआ
- कई IPOs में हिस्सेदारी लेने की रणनीति बदली
- लिस्टिंग डे पर मिलने वाले गेन में भी असर देखने को मिला
निवेशकों के लिए बड़ा संदेश
- IPOs आकर्षक होते हैं, लेकिन जोखिम भी अधिक होता है।
- म्यूचुअल फंड्स के IPO पोर्टफोलियो में निवेश करते समय लिस्टिंग प्रदर्शन, कंपनी की बुनियादी स्थिति और वैल्यूएशन पर खास ध्यान दें।
हर IPO लिस्टिंग डे पर मुनाफा नहीं देता, इसलिए लंबे-समय के नजरिए से चयन करना बेहतर है।

