सीमाओं से परे: भारत का लक्ष्य — “रुपया बने वैश्विक व्यापार की शक्ति”
नई दिल्ली। भारत आज जिस आर्थिक दौर से गुजर रहा है, उसमें “रुपये” को अंतरराष्ट्रीय व्यापार की मुख्य मुद्रा बनाने का संकल्प एक दूरदर्शी कदम माना जा रहा है। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, डॉलर पर अत्यधिक निर्भरता और क्षेत्रीय व्यापार में संतुलन की आवश्यकता ने भारत को इस दिशा में मजबूती से आगे बढ़ने के लिए […]
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